नई दिल्ली, 17 दिसंबर 2025: संसद के शीतकालीन सत्र के दौरान नेशनल हेराल्ड मामले को लेकर कांग्रेस और सत्ता-पक्ष के बीच जारी राजनीति आज भी गरमा गई। कांग्रेस ने इस मुद्दे को केंद्रित करते हुए केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाया और सदन में जोरदार नारेबाज़ी की, जबकि सत्ता-पक्ष ने वंदेमातरम के उद्घोष के साथ जवाब दिया।
मुख्य घटनाक्रम:
🔹 नेशनल हेराल्ड मामला: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की मनी लॉन्ड्रिंग चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया है, जिसे कांग्रेस ने सत्य की जीत बताया है।
🔹 कांग्रेस का आरोप: पार्टी का कहना है कि सरकार और उसके केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक प्रतिशोध के लिए किया गया, जिससे लोकतांत्रिक संस्थानों की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंच रहा है।
🔹 भूपेश बघेल का रुख: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भूपेश बघेल ने कहा कि केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हो रहा है और विपक्ष के खिलाफ बेजा कार्रवाई की जा रही है, जिसे सत्र के दौरान उठाया गया प्रमुख मुद्दा बताया। (संदर्भ समाचार के आधार पर)
🔹 सदन में नारेबाज़ी: विपक्ष ने सदन में गूँजते नारे लगाए और आरोप लगाया कि मामले का उद्देश्य केवल विरोधी राजनीतिक दलों को दबाना है। वहीं, सत्ता-पक्ष ने नारा बदले जवाब में वंदेमातरम और देशभक्ति का उद्घोष किया और विपक्ष की बातों को खारिज किया।
पारितोषिक स्थितियाँ:
- कांग्रेस ने अदालत के फैसले को न्यायपालिका की जीत करार दिया और इसे मोदी-शाह सरकार की साज़िश नाकाम होने के रूप में पेश किया।
- सत्ता-पक्ष ने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया और सरकार की नीतियों पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की।
नेशनल हेराल्ड मामला एक लंबे समय से चले आ रहे विवाद का हिस्सा है, जिसमें कांग्रेस नेताओं पर अखबार से जुड़े संपत्ति और धनशोधन से जुड़ी आरोपपत्र की पेशी तथा उसके बाद कानूनी लड़ाई शामिल है।
संसद के शीतकालीन सत्र में नेशनल हेराल्ड मामले पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए, नारेबाज़ी की और एजेंसियों के दुरुपयोग को प्रमुख मुद्दा बनाया, जबकि सत्ता-पक्ष ने सदन में राष्ट्रगान और वंदेमातरम के ज़रिये जवाब देकर अपने रुख़ को स्पष्ट किया।


