रायगढ़। पूंजीपथरा थाना क्षेत्र अंतर्गत सुनील इस्पात एंड पावर लिमिटेड, चिराईपानी में कार्य के दौरान करंट की चपेट में आए 23 वर्षीय युवक प्रदीप भगत की इलाज के दौरान मौत हो गई। मामले में पुलिस ने प्लांट इंचार्ज फनेन्द्र वर्मा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 106(1) एवं 289 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, 5 मार्च 2025 को प्रदीप भगत प्लांट में कार्य कर रहा था, इसी दौरान वह विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आ गया, जिससे वह लगभग 60 से 65 प्रतिशत तक झुलस गया। गंभीर अवस्था में उसे रायपुर स्थित बर्न एंड प्लास्टिक सर्जरी सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान 8 अप्रैल 2025 को उसकी मृत्यु हो गई।
पुलिस जांच में यह तथ्य सामने आया कि मृतक से बिना किसी आवश्यक सुरक्षा उपकरण—जैसे इंसुलेटेड ग्लव्स, सेफ्टी शूज़ एवं विद्युत सुरक्षा व्यवस्था—के कार्य कराया जा रहा था। प्लांट की दीवार से सटे खुले विद्युत तार को हादसे का प्रमुख कारण माना जा रहा है।
मर्ग जांच, गवाहों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर लापरवाही प्रमाणित होने पर घटना के लगभग 9 माह 13 दिन बाद प्रकरण में FIR दर्ज की गई। इस घटना ने औद्योगिक इकाइयों में श्रमिक सुरक्षा मानकों की अनदेखी और प्रबंधन की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।


