एसआईआर के बाद रायगढ़ में लगभग 90 हजार नाम हटेंगे, 19 हजार मृत—24 हजार मतदाता गायब:23 दिसंबर तक बढ़ी मियाद

Jan Mitan
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रायगढ़। जिले में विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) के तहत मतदाता सूची के डिजिटाइजेशन का काम सौ फीसदी पूरा कर लिया गया है। 1033 मतदान केंद्रों में बीएलओ ने घर-घर पहुंचकर मतदाताओं की जानकारी अपडेट की। प्रक्रिया पूरी होने के बाद बड़े चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं।

सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि जिले में करीब 19,000 मतदाता मृत पाए गए, जबकि 24,385 मतदाता अपने पते पर मिले ही नहीं। इसके अलावा 42,525 मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह जा चुके हैं। कुल मिलाकर 89,400 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है क्योंकि उनका कोई डेटा उपलब्ध नहीं मिला।

निर्वाचन आयोग के अनुसार, एसआईआर प्रक्रिया नहीं होती तो ये गड़बड़ियां सामने नहीं आ पातीं और मतदाता सूची को शुद्ध करना संभव नहीं होता।

कहां गए 24 हजार मतदाता?

चारों विधानसभा क्षेत्रों में गायब और मृत मतदाताओं की संख्या चौंकाती है। मृत होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोगों के नाम सूची में बने हुए थे। वहीं 24 हजार से अधिक मतदाता अपने पते पर नहीं मिले। आयोग इस विसंगति को लेकर सतर्क है और इसकी विस्तृत जांच की जा रही है।

3 हजार मतदाता दो जगह सूचीबद्ध

एसआईआर के दौरान यह भी सामने आया कि 3037 मतदाताओं के नाम दो विधानसभा क्षेत्रों में दर्ज हैं, जिन्हें अब सही स्थान पर सूचीबद्ध किया जाएगा।रायगढ़ और धरमजयगढ़ में सबसे अधिक मृत मतदाता मृत मतदाताओं की संख्या में रायगढ़ (5860) और धरमजयगढ़ (5260) शीर्ष पर रहे। इनका पता केवल एसआईआर के कारण चल पाया है।

आगे क्या?

निर्वाचन आयोग ने एसआईआर की मियाद 23 दिसंबर तक बढ़ाई है। इसके बाद शुद्ध मतदाता सूची प्रकाशित होगी और फिर दावा–आपत्ति के लिए समय दिया जाएगा। जिलेभर में हुए इस बड़े पैमाने के डेटा फिल्टरिंग ने वोटर लिस्ट की वास्तविकता को उजागर किया है, जिससे आगामी चुनाव प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होने की उम्मीद है।

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