इंडिगो फ्लाइट कैंसिलेशन मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा, PIL दायर, इस दिन होगी केस की सुनवाई

admin
3 Min Read

इंडिगो (Indigo)की उड़ानें बार-बार कैंसिल और देर होने का मामला अब दिल्ली हाई कोर्ट(Delhi High Court) तक पहुँच गया है। कोर्ट में इस संबंध में एक जनहित याचिका दायर की गई है। याचिका में उच्च न्यायालय से एयरलाइन और केंद्र सरकार को कई निर्देश जारी करने का आग्रह किया गया है। याचिकाकर्ता का कहना है कि इंडिगो की लगातार रुक-रुक कर होने वाली उड़ान बाधितताओं के कारण यात्रियों को गंभीर असुविधाएं और भारी परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हैं।

मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली खंडपीठ के समक्ष मामले का उल्लेख करते हुए अदालत ने मौखिक रूप से कहा कि संबंधित अधिकारी इस मुद्दे पर पहले से ही विचार कर रहे हैं। मुख्य न्यायाधीश ने बुधवार को याचिका की विस्तृत सुनवाई करने पर सहमति जताई। याचिकाकर्ता के वकील ने बताया कि उन्होंने इंडिगो संकट को लेकर एक जनहित याचिका (PIL) दायर की है। उनका कहना था, “कई यात्री फंसे हुए हैं। हवाई अड्डों पर स्थितियाँ अमानवीय हैं। हम अदालत से अपेक्षा करते हैं कि वह इंडिगो और ग्राउंड सपोर्ट स्टाफ को निर्देश जारी करे ताकि फंसे हुए यात्रियों की मदद की जा सके। रिफंड की कोई उचित व्यवस्था भी नहीं है।”

जब अदालत ने उल्लेख किया कि सरकार इस मामले में पहले ही कुछ निर्देश जारी कर चुकी है, तो याचिकाकर्ता के वकील ने इसकी पुष्टि की। पीठ ने बताया कि जनहित याचिका की सुनवाई बुधवार को निर्धारित की जाएगी।

सूत्रों ने बताया कि इंडिगो की उड़ान संचालन समस्या सातवें दिन प्रवेश कर चुकी है, जिसके कारण सोमवार को दिल्ली और बेंगलुरु हवाई अड्डों से 250 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं। दिल्ली हवाई अड्डे पर 134 उड़ानें रद्द हुईं  जिनमें 75 प्रस्थान और 59 आगमन शामिल थे। वहीं बेंगलुरु हवाई अड्डे पर 117 उड़ानें रद्द की गईं, जिसमें 65 आगमन और 62 प्रस्थान शामिल रहे। इंडिगो 2 दिसंबर से लगातार सैकड़ों उड़ानें रद्द करने के कारण सरकार और यात्रियों दोनों की आलोचना झेल रहा है। एयरलाइन ने इन व्यवधानों को पायलटों की उड़ान ड्यूटी और नियामक नियमों में हुए बदलावों से जोड़कर बताया है।

Share This Article
Leave a comment