रायगढ़ जिले में एक हरिजन व्यक्ति की कथित सार्वजनिक पिटाई और उसके बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। पीड़ित पक्ष ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई करने और मामले को गलत दिशा में ले जाने का आरोप लगाया है।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि घटना के दौरान हरिजन व्यक्ति के साथ सार्वजनिक रूप से मारपीट की गई, लेकिन इसके बावजूद पुलिस द्वारा निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की जा रही है। आरोप है कि थाने में भी पीड़ित के साथ ही कठोर और अपमानजनक व्यवहार किया गया।


बताया गया कि लगभग चार महीने पूर्व बजरंग चौहान नामक व्यक्ति ने हरिजन थाना में एक लिखित आवेदन प्रस्तुत कर रामू सिंधी द्वारा जान से मारने की धमकी दिए जाने की शिकायत की थी। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया था कि आरोपी कभी भी हमला कर सकता है, लेकिन उस समय पुलिस प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
अब आरोप लगाया जा रहा है कि जिस घटना की आशंका पहले जताई गई थी, वही घटना हाल ही में घटित हो चुकी है। इसके बावजूद, मुख्य आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय बजरंग चौहान को ही थाने बुलाकर सुबह से बैठाए जाने की बात कही जा रही है।

पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि पुलिस द्वारा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया और पूरे मामले में एकतरफा कार्रवाई की जा रही है। सूत्रों के अनुसार, इस प्रकरण में लेन-देन से जुड़े पहलू की भी आशंका जताई जा रही है, जिसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।
फिलहाल पुलिस प्रशासन ने मामले की जांच की बात कही है। अब यह देखना होगा कि पूरे प्रकरण में निष्पक्ष जांच कर पीड़ित को न्याय मिल पाता है या नहीं।


