राजनीतिक कार्यकर्ता अमित बघेल की 3 दिन की पुलिस रिमांड समाप्त हो गई है, लेकिन उनकी कानूनी मुश्किलें अभी भी कम नहीं हुई हैं। देश के 5 राज्यों में दर्ज 12 FIR को कोर्ट ने क्लब करने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद अब बघेल को हर राज्य में अलग-अलग जमानत लेनी होगी। इससे पूरा कानूनी प्रक्रिया लंबी और जटिल हो सकती है।

प्रत्येक FIR पर अलग सुनवाई
कानून विशेषज्ञों के मुताबिक, जब तक FIR की प्रकृति और घटनाक्रम समान न हों, उन्हें क्लब नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने माना कि बघेल पर दर्ज सभी शिकायतें अलग-अलग घटनाओं से जुड़ी हैं, इसलिए हर केस की सुनवाई अलग से होगी।

रिमांड खत्म, अब कोर्ट पेशियों का दौर शुरू
पुलिस रिमांड समाप्त होने के बाद बघेल को अब न्यायिक प्रक्रिया का सामना करना होगा। उन्हें प्रत्येक राज्य में कोर्ट के सामने पेश होना पड़ेगा। कानूनी टीम ने जमानत प्रक्रिया शुरू कर दी है, लेकिन कई राज्यों में केस होने के कारण पूरी प्रक्रिया में समय लगने की संभावना है।


