बिलासपुर, 11 दिसंबर 2025: स्कूल शिक्षा विभाग की संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने कोटा के खंड शिक्षा अधिकारी नरेंद्रनाथ मिश्रा (BEO) से कड़े सवाल किए, तो अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और वे बेहोशी की हालत में मीटिंग हॉल में ही गिर पड़े। अधिकारियों ने तुरंत उन्हें बैठाया और पानी पिलाया, बाद में बाहर इलाज के लिए ले जाया गया। चर्चा यह भी है कि तेज़ सवालों और दबाव के बीच BEO की हालत बिगड़ी।

विभागीय अधिकारियों की उपस्थिति वाली इस बैठक में मंत्री यादव ने शिक्षा व्यवस्था की स्थिति, स्कूलों का निरीक्षण, उपलब्ध संसाधनों और कार्यों की गति पर विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों, समन्वयकों और बीईओ से पूछा:
कितने प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्कूल संचालित हैं?
आख़िरी बार निरीक्षण कब किया गया?
किन गड़बड़ियों का सामना हुआ और उनका समाधान कैसे किया गया?
मंत्री का संदेश: समर्पण, निरीक्षण और सुधार
मंत्री यादव ने जोर देकर कहा कि निर्धारित मानकों पर काम न करने वाले अधिकारियों के प्रति सरकार सख्ती से कदम उठाएगी, वहीं समर्पित और उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा गुणवत्ता में सुधार के लिए कई दिशा-निर्देश दिए:
✔️ तीन-साल की समग्र कार्ययोजना बनाएं — जिससे शिक्षा के सभी स्तरों में सतत सुधार सुनिश्चित हो सके।
✔️ ऑनलाइन बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य करें — समय पर उपस्थिति और निगरानी के लिए।
✔️ परिणाम सुधार लक्ष्य — कक्षा 10 में 85% और कक्षा 12 में 90% उत्तीर्ण परिणाम का लक्ष्य।
✔️ बुनियादी दक्षता पर फोकस — कक्षा 3-5 में पढ़ने की धारा-प्रवाह क्षमता, माध्यमिक स्तर पर गणित और अंग्रेज़ी की दक्षता बढ़ाना।
✔️ ड्रॉप-आउट रोकें, स्थानीय समुदाय के साथ समन्वय मजबूत करें।

अन्य निर्देश एवं प्राथमिकताएँ
मंत्री ने कहा कि स्कूलों की आधारभूत संरचना, शौचालय, बिजली-पानी जैसी सुविधाओं को पंचायतों के माध्यम से जल्दी पूरा किया जाए ताकि समय पर कार्य पूरा हो सके। साथ ही सेवानिवृत्त शिक्षकों के सभी भुगतान और लाभों का त्वरित निपटारा सुनिश्चित करने को कहा गया।


