छत्तीसगढ़ में ठंड आपातकाल: 14 जिलों में शीतलहर का प्रकोप, तापमान रिकॉर्ड स्तर पर गिरा

Jan Mitan
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रायपुर, 12 दिसम्बर 2025: छत्तीसगढ़ इन दिनों कड़कड़ाती ठंड की चपेट में है। मौसम विभाग की चेतावनी के बाद राज्य सरकार ने कई क्षेत्रों में ठंड आपातकाल (Cold Emergency) जैसी स्थिति घोषित कर दी है। प्रदेश के 14 जिलों में शीतलहर का प्रकोप गंभीर हो गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।

प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में तापमान में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जबकि रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में भी रात के तापमान में तेज गिरावट दर्ज की गई है। सुबह और देर रात घना कोहरा और तेज ठंडी हवाएं लोगों की मुश्किलें बढ़ा रही हैं।

मौसम विभाग ने जिन जिलों में शीतलहर की चेतावनी जारी की है उनमें शामिल हैं—
रायगढ़, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर, जशपुर, सारंगढ़-बिलाईगढ़, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (GPM), बिलासपुर, मुंगेली, कबीरधाम, राजनांदगांव, दुर्ग, रायपुर और बलौद।
लोगों को अनावश्यक बाहर न निकलने और विशेषकर बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाव के लिए सावधानियां बरतने की अपील की गई है।

राज्य के कई क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड से बचने के लिए लोग अलाव जलाकर गर्मी का सहारा ले रहे हैं। बाजारों, चौक-चौराहों और मोहल्लों में सुबह-शाम अलाव के आसपास भीड़ देखी जा रही है।

स्वास्थ्य चेतावनी: ठंड बढ़ने के साथ ही रायपुर सहित कई शहरों के अस्पतालों में ठंड से प्रभावित मरीजों की संख्या बढ़ी है। डॉक्टरों का कहना है कि तेज ठंड से हृदय और श्वसन से संबंधित बीमारी बढ़ सकती है, इसलिए लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।

मौसम विभाग का कहना है कि उत्तर-पश्चिमी ठंडी हवाओं का प्रभाव और मौसमीय बदलाव इस बार प्रदेश में ठंड को सामान्य से ज्यादा कड़े रूप में ला रहे हैं। अगले कुछ दिनों तक ठंड और बढ़ने की संभावना जताई गई है।

इस बीच प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि रात के समय यात्रा से बचें, पर्याप्त गर्म कपड़े पहनें और खुले स्थानों में सोने से परहेज करें। जरूरतमंदों के लिए अलाव और राहत के इंतजाम भी किए जा रहे हैं।

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