बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट भूमि का सीमांकन शुरू, लंबे इंतज़ार के बाद प्रशासन हरकत में

Jan Mitan
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बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट जमीन सीमांकन शुरू | अवैध कब्जे पर प्रशासन की कार्रवाई |

रायगढ़। बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट की जमीन पर वर्षों से चले आ रहे अवैध कब्जों के मामले में आखिरकार प्रशासन ने कदम बढ़ा दिया है। लंबी प्रतीक्षा और बार-बार आदेश के बावजूद टलते रहे सीमांकन कार्य की शुरुआत आज कर दी गई है। इससे ट्रस्ट की जमीन पर किए गए अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

मई 2023 में पूर्व सीमांकन रिपोर्ट को विधिसंगत नहीं मानते हुए ट्रस्ट की ओर से पुनः सीमांकन की मांग की गई थी। इस पर तहसीलदार रायगढ़ ने आठ सदस्यीय टीम गठित कर 17 नवंबर तक सीमांकन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे, लेकिन तय समय सीमा के भीतर न तो नापजोख हुई और न ही रिपोर्ट दी गई।

अब आज राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची और आरओबी से लेकर कोतरा रोड तथा प्रणामी मंदिर क्षेत्र तक भूमि की नापजोख प्रारंभ की। आरआई एवं पटवारियों की मौजूदगी में सीमांकन कार्य किया जा रहा है। प्रशासन का कहना है कि पूरी प्रक्रिया पूरी होने के बाद विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

बूढ़ी माई मंदिर ट्रस्ट के नाम करीब 7.36 एकड़ भूमि दर्ज है, जिस पर कॉलोनी, अस्पताल, दुकानें और पक्के निर्माण किए जाने के आरोप हैं। पूर्व जांच में आरओबी से लेकर प्रणामी मंदिर के बीच स्थित अधिकांश निर्माण ट्रस्ट भूमि पर पाए गए थे। तहसीलदार द्वारा कुल 26 लोगों को नोटिस जारी कर सीमांकन में उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए थे।

सीमांकन शुरू होना एक सकारात्मक कदम है और इससे वर्षों से लंबित मामले में न्याय की उम्मीद जगी है। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सीमांकन पूरा होते ही अतिक्रमण हटाने की वैधानिक प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

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