रायगढ़। वित्तीय वर्ष 2025-26 के आठ माह बीतने के बाद नगर निगम रायगढ़ की राजस्व वसूली की स्थिति सामने आई है। कुल 2547.66 लाख रुपये की कर मांग के मुकाबले निगम प्रशासन ने अब तक 1465.45 लाख रुपये, यानी 57 प्रतिशत राजस्व वसूली की है। हालांकि लक्ष्य अभी दूर है, लेकिन साल-दर-साल तुलना में यह प्रदर्शन अब तक का बेहतर माना जा रहा है।
किन मदों में अच्छी वसूली, कहां पिछड़ रहा निगम?
राजस्व वसूली के आंकड़े बताते हैं कि कुछ कर स्रोतों में संतोषजनक प्रदर्शन रहा है, जबकि प्रमुख कर अभी भी निगम के लिए चुनौती बने हुए हैं।
दुकान किराया: 96% वसूली (सबसे बेहतर)
समेकित कर: 61% वसूली
यूजर्स चार्ज: 67% के करीब
संपत्ति कर: 47%
जल कर: लगभग 50%
स्पष्ट है कि संपत्ति कर और जल कर में कम वसूली ही निगम के लक्ष्य में सबसे बड़ी बाधा बनी हुई है।
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48 वार्ड, 25 करोड़ की जिम्मेदारी
नगर निगम के 48 वार्डों में मोहर्रिरों को कर वसूली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। हर वर्ष की तरह इस बार भी करीब 25 करोड़ रुपये राजस्व जुटाने का लक्ष्य रखा गया, लेकिन आठ माह में लक्ष्य से काफी पीछे रहना निगम के लिए चिंता का विषय बन गया है।
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क्यों प्रभावित हुई वसूली?
कर्मचारियों की अन्य विभागीय कार्यों में तैनाती
करदाताओं में जागरूकता की कमी
समय पर कर अदायगी न करने की लापरवाही
इन कारणों से न सिर्फ वसूली प्रभावित हुई, बल्कि कर्मचारियों को अधिकारियों की नाराजगी भी झेलनी पड़ रही है।
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अब चलेगा सख्त अभियान
नगर निगम प्रशासन ने शेष वित्तीय वर्ष में विशेष वसूली अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके तहत:
50 हजार रुपये से अधिक बकाया वालों पर सख्त कार्रवाई
किराया न देने वाली दुकानों को अंतिम नोटिस
जरूरत पड़ने पर दुकान आवंटन निरस्तीकरण
इस अभियान को लेकर जल्द ही आधिकारिक आदेश जारी होने की संभावना है।
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राजस्व वसूली: आंकड़ों में तस्वीर (लाख रुपये में)
कर स्रोत मांग वसूली
संपत्ति कर 1236.56 584.97
समेकित कर 196.23 120.54
जल कर 517.74 260.67
दुकान किराया 134.68 130.50
यूजर्स चार्ज 285.60 191.92
अन्य 176.85 176.85
कुल 2547.66 1465.45
(आंकड़े 1 अप्रैल से 30 नवंबर 2025 तक के हैं)
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नगर निगम रायगढ़ ने आधे से अधिक राजस्व लक्ष्य जरूर हासिल कर लिया है, लेकिन शेष 43 प्रतिशत की वसूली निगम के लिए असली परीक्षा होगी। अंतिम तीन माह में चलने वाला सख्त अभियान ही तय करेगा कि निगम वित्तीय संतुलन बनाए रख पाएगा या नहीं।


