छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एस.ई.सी.एल. (South Eastern Coalfields Limited) की दीपका कोयला खदान में हैवी ब्लास्टिंग के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ। ब्लास्टिंग के कुछ समय बाद उछले भारी पत्थर की चपेट में आने से 60 वर्षीय ग्रामीण लखन् लाल पटेल की मौके पर ही मौत हो गई। वह पैदल घर लौट रहे थे जब यह दर्दनाक घटना हुई।

आंचलिक लोग घटना से आहत हैं और प्रबंधन पर सुरक्षा मानकों की अनदेखी का आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि पहले से ही खदान की हैवी ब्लास्टिंग को लेकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन यह रोकने के बजाय काम जारी रखा गया। कुछ ग्रामीणों ने मुआवजे में नौकरी और उचित क्षतिपूर्ति की मांग की है।
हादसे की खबर फैलते ही ग्रामीणों ने शव को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया , जिसके बाद प्रशासन और पुलिस ने भारी बल तैनात कर स्थिति को काबू में रखने की कोशिश की। प्राथमिक जानकारी के अनुसार जिला प्रशासन ने जांच के आदेश दिए हैं और मृतक परिवार को राहत व उचित कार्रवाई का वादा किया है, जबकि SECL की तरफ से अभी तक औपचारिक बयान नहीं आया है।
क्या यह अकेली घटना है?
खनन और ब्लास्टिंग से जुड़ी दुर्घटनाएँ भारत के कई हिस्सों में समय-समय पर सामने आती रही हैं, जहां सुरक्षा इंतज़ामों और मशीनरी के कारण गंभीर हादसे होते रहे हैं। इससे पहले भी खदानों में दुर्घटनाओं और प्रदर्शन से जुड़े तनाव की खबरें राष्ट्रीय स्तर पर रिपोर्ट की गई हैं।


