साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की गेवरा परियोजना से प्रभावित ग्राम नराईबोध के ग्रामीणों ने शुक्रवार को पुनर्वास, रोजगार और मुआवजे की मांगों को लेकर खदान संचालन पूरी तरह ठप कर दिया। सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक नराईबोध और भठोरा फेस बंद रहने से कोयला उत्पादन और परिवहन प्रभावित रहा।
ग्रामीणों का कहना है कि एसईसीएल परियोजना के कारण उनकी पैतृक भूमि और आजीविका प्रभावित हुई है, लेकिन पुनर्वास, बसाहट, उचित मुआवजा और रोजगार को लेकर किए गए वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। मांगों की अनदेखी से आक्रोशित ग्रामीणों ने शांतिपूर्ण तरीके से खदान बंद कर विरोध दर्ज कराया।

आंदोलन की गंभीरता को देखते हुए एसईसीएल प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से विस्तृत चर्चा की। प्रबंधन ने समस्याओं के समाधान के लिए 18 दिसंबर 2025 को त्रिपक्षीय वार्ता आयोजित करने का ठोस आश्वासन दिया। प्रस्तावित बैठक में एसईसीएल प्रबंधन, प्रभावित ग्रामीणों के प्रतिनिधि और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। वार्ता में बकाया पुनर्वास बसाहट, मुआवजा वितरण और प्रभावितों के लिए स्थायी व वैकल्पिक रोजगार जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
प्रबंधन से आश्वासन और बैठक की तारीख तय होने के बाद ग्रामीणों ने दोपहर 2 बजे आंदोलन समाप्त कर दिया, जिसके बाद खदानों का संचालन पुनः शुरू हो सका। ग्रामीणों ने उम्मीद जताई है कि आगामी बैठक में वर्षों पुरानी समस्याओं का स्थायी और संतोषजनक समाधान निकलेगा।


