समरसता एक्सप्रेस 32 घंटे, आज़ाद हिंद एक्सप्रेस 7 घंटे देरी से पहुंची
रायगढ़। रेलवे की यात्री ट्रेनों की चाल इन दिनों पूरी तरह बिगड़ी हुई है। अप व डाउन दोनों दिशाओं से चलने वाली लगभग सभी प्रमुख यात्री ट्रेनें घंटों की देरी से रायगढ़ पहुंच रही हैं, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बीते 15 दिनों से यह स्थिति लगातार बनी हुई है।
शनिवार को शालीमार–कुर्ला समरसता एक्सप्रेस जहां 32 घंटे की भारी देरी से रायगढ़ पहुंची, वहीं हावड़ा–पुणे आज़ाद हिंद एक्सप्रेस करीब सात घंटे लेट पहुंची। इसके चलते यात्रियों को घंटों स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर बैठकर इंतजार करना पड़ा।

रेलवे सूत्रों के अनुसार पहले रेलवे लाइन निर्माण कार्य के कारण ट्रेनें प्रभावित थीं, जबकि अब ठंड और कोहरे के चलते अप–डाउन दोनों दिशाओं में ट्रेनों की रफ्तार धीमी हो गई है। साथ ही कई ट्रेनों को री-शेड्यूल कर चलाया जा रहा है, जिससे गंतव्य तक पहुंचने में लंबा समय लग रहा है और वापसी की ट्रेनों पर भी इसका असर पड़ रहा है।
हालांकि रेलवे अधिकारियों का कहना है कि देश के कई हिस्सों में कोहरे और तकनीकी कारणों से ट्रेनों का संचालन प्रभावित हो रहा है। यात्रियों को देरी की सूचना मैसेज के माध्यम से दी जा रही है, लेकिन इसके बावजूद परेशानी कम नहीं हो रही है।
रायगढ़ और जशपुर जिले से बड़ी संख्या में यात्री मुंबई व दिल्ली की यात्रा के लिए आते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों और जशपुर जिले से आने वाले कई यात्री ट्रेन पकड़ने के लिए एक दिन पहले ही रायगढ़ पहुंच जाते हैं, लेकिन स्टेशन पहुंचने पर पता चलता है कि ट्रेन 7 से 8 घंटे देरी से आएगी। ऐसे में यात्रियों को पूरा दिन प्लेटफॉर्म पर बिताना पड़ रहा है।

रिजर्वेशन वाले यात्रियों को जहां टिकट होने के बावजूद इंतजार की मार झेलनी पड़ रही है, वहीं जनरल श्रेणी के यात्री किसी भी ट्रेन में सफर करने को मजबूर हैं। खासकर दूरदराज क्षेत्रों से आने वाले यात्रियों के लिए यह स्थिति और अधिक परेशानी भरी हो गई है।
लगातार रद्द हो रही ट्रेनें भी बनीं परेशानी का कारण
बीते एक माह से हर शनिवार को अप व डाउन दिशा से चलने वाली साउथ बिहार एक्सप्रेस रद्द की जा रही है। इसके अलावा शनिवार को रायगढ़–बिलासपुर मेमू ट्रेन भी रद्द रही, जिससे लोकल यात्रियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। वहीं दक्षिण पूर्व रेलवे ने तकनीकी कारणों से गाड़ी संख्या 18113/18114 टाटानगर–बिलासपुर–टाटानगर एक्सप्रेस को 12 दिसंबर से 7 जनवरी तक रद्द कर दिया है, जिससे छोटे स्टेशनों के यात्री खासे परेशान हैं।

घंटों देरी से पहुंची कई प्रमुख ट्रेनें
शनिवार को हटिया–कुर्ला एक्सप्रेस 30 मिनट देरी से पहुंची। शालीमार–कुर्ला समरसता एक्सप्रेस 32 घंटे देरी से, हावड़ा–पुणे आज़ाद हिंद एक्सप्रेस 7 घंटे देरी से, पुरी–ऋषिकेश उत्कल एक्सप्रेस 4 घंटे देरी से रायगढ़ पहुंची। वहीं डाउन दिशा में जबलपुर–संतरागाछी हमसफर एक्सप्रेस 12 घंटे और ऋषिकेश–पुरी उत्कल एक्सप्रेस 7 घंटे की देरी से पहुंची।
लगातार हो रही देरी और ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि ट्रेनों की समय-सारणी दुरुस्त की जाए और देरी की समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि आम यात्रियों को राहत मिल सके।


